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National News Desk
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2047 के विकसित भारत के लिए आंतरिक सुरक्षा मजबूत करना जरूरी : अमित शाह

DD News NationalBy DD News National
26 Aug 2026
Original: English
2047 के विकसित भारत के लिए आंतरिक सुरक्षा मजबूत करना जरूरी : अमित शाह
2047 के विकसित भारत के लिए आंतरिक सुरक्षा मजबूत करना जरूरी : अमित शाह
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2047 के विकसित भारत के लिए आंतरिक सुरक्षा मजबूत करना जरूरी : अमित शाह

Key Highlights & Official Takeaways
  • 2047 के विकसित भारत के लिए आंतरिक सुरक्षा मजबूत करना जरूरी : अमित शाह
  • उन्होंने कहा कि भारत को हर क्षेत्र में दुनिया में अग्रणी बनना है तो आंतरिक सुरक्षा को और सुदृढ़ करना होगा।
  • दो दिवसीय सम्मेलन में सभी राज्यों के पुलिस महानिदेशक, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के प्रतिनिधि प्रत्यक्ष एवं वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।
  • नक्सलवाद, नारकोटिक्स और नॉर्थ ईस्ट की चुनौती का उल्लेख
Comprehensive News & Policy Report

26/08/26 | 8:18 am | AMIT SHAH | Border Security | Counter Terrorism | India security | internal security | narcotics control | National Security Strategies Conference

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को नई दिल्ली में आसूचना ब्यूरो के ‘राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन’ के समापन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 में विकसित भारत का लक्ष्य रखा है और इसकी पहली शर्त मजबूत आंतरिक सुरक्षा है। उन्होंने कहा कि भारत को हर क्षेत्र में दुनिया में अग्रणी बनना है तो आंतरिक सुरक्षा को और सुदृढ़ करना होगा। दो दिवसीय सम्मेलन में सभी राज्यों के पुलिस महानिदेशक, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के प्रतिनिधि प्रत्यक्ष एवं वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।

अमित शाह ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन का मंच अगले 15 से 20 वर्षों के अंतरराष्ट्रीय रुझानों का आकलन कर यह तय करे कि भविष्य में कौन-सी समस्याएं उभर सकती हैं और उन्हें रोकने की रणनीति क्या होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिम्मेदारी केवल मौजूदा चुनौतियों पर विजय हासिल करना नहीं, बल्कि भविष्य में पैदा होने वाली चुनौतियों की पहले से पहचान कर उन्हें खड़ा होने से रोकना भी है।

नक्सलवाद, नारकोटिक्स और नॉर्थ ईस्ट की चुनौती का उल्लेख

गृह मंत्री ने कहा कि पहले की सरकारों ने नारकोटिक्स, नक्सलवाद और नॉर्थ ईस्ट की समस्याओं को विकराल होने से पहले विजुअलाइज किया होता तो देश को दशकों तक इनका दंश नहीं झेलना पड़ता। समस्या जब छोटी होती है और उसके उद्भव के समय ही उसका समाधान किया जाता है तो उसे नियंत्रित करना आसान होता है। उन्होंने कहा कि आंतरिक सुरक्षा के तीनों हॉटस्पॉट में खड़ी चुनौती को समाप्त किया गया है और इसका श्रेय देश के सभी राज्यों की पुलिस फोर्स, केंद्रीय एजेंसियों और CAPF को जाता है।

अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार तीन नई न्याय संहिताएं लेकर आई है और फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी का नेटवर्क तैयार किया गया है। फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी के माध्यम से हर साल 37,000 नए युवा ग्रेजुएट होकर निकल रहे हैं। उन्होंने कहा कि न्याय संहिताओं के पांचों स्तंभों के आधुनिकीकरण, तकनीक के अपग्रेडेशन और डेटा तैयार करने का काम अच्छी तरह लागू हो रहा है। अगले एक वर्ष में तीनों न्याय संहिताओं का 100% क्रियान्वयन करने का लक्ष्य है, जिससे तीन साल के भीतर आपराधिक मामलों का सुप्रीम कोर्ट तक निपटारा और दोष सिद्धि दर में 25% वृद्धि सुनिश्चित की जा सके।

PFI पर कार्रवाई को केंद्र-राज्य समन्वय का उदाहरण बताया

गृह मंत्री ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) पर एक ही रात में कार्रवाई, प्रतिबंध और उसके कैडर के ध्वस्तीकरण को केंद्र-राज्य समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि जेलों के आधुनिकीकरण सहित कई कदमों से आंतरिक सुरक्षा के क्षेत्र में मजबूत आधार तैयार हुआ है। अब इस प्लेटफॉर्म पर खड़े होकर बिना किसी लूपहोल के आंतरिक सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने की जरूरत है।

‘प्रहार’ को रोजमर्रा की कार्रवाई का हिस्सा बनाने का आह्वान

अमित शाह ने आतंकवाद के संपूर्ण उन्मूलन के लिए ‘प्रहार’ को दस्तावेज से निकालकर रोजमर्रा की प्रैक्टिस में शामिल करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से 360 डिग्री आतंकवादी नेटवर्क को समाप्त किया जाना चाहिए। ‘प्रहार’ को कम से कम DYSP स्तर तक एक संस्कार के रूप में आत्मसात करने की जरूरत है। उन्होंने सभी DGP से इसके लिए अपने-अपने राज्यों में आवश्यक तंत्र और वर्टिकल तैयार करने को कहा।

नारकोटिक्स के खिलाफ अभियान पर गृह मंत्री ने कहा कि ‘नारकोटिक्स कंट्रोल विजन डॉक्यूमेंट 2026-2029’ को सभी राज्यों की पुलिस जमीन पर उतारे। नशा मुक्त भारत के लिए Detect, Disrupt और Destroy यानी तीन D पर काम करने की जरूरत है। उन्होंने DGP से समयबद्ध कार्यक्रम का अध्ययन कर अपने राज्यों में ऐसी टीम गठित करने को कहा, जो इसके प्रत्येक आयाम को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाए।

घुसपैठ रोकने के लिए चतुष्कोणीय सीमा सुरक्षा दृष्टिकोण

सीमा सुरक्षा पर अमित शाह ने कहा कि पिछले आठ माह में सभी भूमि-सीमा वाले राज्यों का दौरा कर गृह मंत्रालय ने चतुष्कोणीय सीमा सुरक्षा दृष्टिकोण का दस्तावेज राज्यों के साथ साझा किया है। उन्होंने कहा कि बहुत कम समय में देश को घुसपैठिया मुक्त बनाना सरकार का लक्ष्य है। इसके लिए प्रत्येक राज्य में वरिष्ठ IG या ADG रैंक के अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त करने का सुझाव दिया गया।

घुसपैठियों को सुरक्षा, अर्थतंत्र और जनसांख्यिकी के लिए खतरा बताया

गृह मंत्री ने कहा कि भारत में रहने का अधिकार देश के नागरिकों को है और अन्य लोगों को वैध माध्यमों से अनुमति लेकर ही रहना चाहिए। उन्होंने घुसपैठियों को देश की सुरक्षा, अर्थतंत्र और जनसांख्यिकीय बदलाव के लिए खतरा बताया। उन्होंने कहा कि घुसपैठिया विरोधी अभियान आने वाले समय में बेहद महत्वपूर्ण अभियान रहेगा।

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Issuing AuthorityDD News National
Topic CategoryINDIA
JurisdictionAll India / National
Publication Date26 August 2026
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Tags:#india
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